अखंड भारत राष्ट्रीय चेतना का विचार है
वाराणसी, अगस्त 14 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। अखंड भारत सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना का विचार है। अखंड भारत का अर्थ केवल मानचित्र पर किसी भू-भाग को जोड़ना नहीं है। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय स्थित पुनर्वसु सभागार में आरएसएस की ओर से आयोजित अखंड भारत संकल्प दिवस पर कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची के कुलाधिपति एवं प्रोफेसर जयप्रकाश लाल ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सभी प्रकार के श्रेष्ठ ज्ञान को अपने में समाहित करने की क्षमता रखता है। अब तक का सबसे बड़ा विभाजन 14 अगस्त 1947 को हुआ। इससे 1.4 करोड़ लोगों का विस्थापन हुआ और लाखों लोग मारे गए। यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया अखंड भारत संकल्प दिवस 1947 के विभाजन के दौरान आरएसएस की भूमिका पर उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने शरणार्थियों की ...
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