अंबेडकर नगर, अप्रैल 19 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के साथ बाल विवाह की रोकने के लिए सतर्कता रही। जिला प्रशासन अलर्ट रहा। बाल अधिकार की रक्षा के लिए और बाल विवाह के खात्मे के लिए काम करने वाली संस्था जन विकास संस्थान भी सतर्क था। माना जाता है कि सुदामा को भगवान श्रीकृष्ण को अक्षय पात्र देने की, भगवान सूर्य की ओर से पांडवों की अक्षय वर्तन देने की, भगवान विष्णु के परशुराम के रूप में छठा अवतार लेने की तिथि अक्षय तृतीया थी। मान्यता यह भी है कि इस दिन शादी करने वाले दंपतियों का साथ अखंड रहता है। जीवन सुखमय होता है। यह भी पढ़ें- अक्षया तृतीया: जय परशुराम के नारों से गूंजा साहिबगंज, निकली रैली इसी के चलते अक्षय तृतीया को शादी करने को प्राथमिकता दी जाती है। बीते सालों में जिले में दर्जनों लोग अपने बच्चों की शादी अक्...