अकेलेपन की पीड़ा से लड़ते वृद्ध दम्पति ढूंढ़ते सहारा
लखनऊ, जून 7 -- रहस्य और करुणा की परतों के बीच बीता 'आखिरी बसंत' लखनऊ, कार्यालय संवाददाता संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से डा. अनिल रस्तोगी के प्रभावी अभिनय से सजे नाटक आखिरी बसंत का मंचन किया गया। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलामण्डपम प्रेक्षागृह में मंचित हुए नाटक का निर्देशन शुभदीप राहा ने किया।
नाटक का विषय नाटक वृद्धावस्था के अकेलेपन, टूटते पारिवारिक संबंधों और मनुष्य की भावनात्मक आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर रचा गया है। कहानी सिर्फ एक परिवार की दास्तां नहीं बताती है बल्कि उस सामाजिक यथार्थ को मंच पर उपस्थित करती है, जहां जीवन की संध्या में पहुंच चुके माता-पिता अपने ही बच्चों के बीच पराए हो जाते हैं।
कहानी का केंद्र कहानी एक वृद्ध दम्पति के इर्द-गिर्द घूमती है जिनका इकलौता पुत्र विदेश में बस चुका है। समय के साथ उनके जीवन...
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