सिमडेगा, मई 28 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में अकीदत के साथ गुरुवार को मनाया गया। गुरुवार की सुबह नई पोशाक पहन कर और ईत्र लगाकर शहर के मुस्लिम बच्चें, युवा और बुजूर्ग सुबह 7:30 बजे ईदगाह में जमा हुए। जहां मौलाना मो साकिम ने नमाज अदा करायी। यह भी पढ़ें- बकरीद का पर्व आज, तैयारी पूरीईद-उल-अजहा बलिदान और संयम का दिन: मौलाना साकिम शहर के ईदगाह में गुरुवार को मुस्लिम धर्मावलंबियो ने ईद-उल अजहा की नमाज अदा की। मौके पर उपस्थित जनसमुहों को संबोधित करते हुए मौलाना साकिम ने कहा कि ईद-उल-अजहा बलिदान और संयम का दिन है। इस्लामी कलैंडर के अंतिम माह जिलहिज्जा की दसवीं तारीख को यह पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी आत्मा को शुद्ध करने का एक उत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि कुर्बान...