पटना, अगस्त 14 -- भाजपा ओबीसी मोर्चा एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश कार्यालय में शहीद अकलू तुरहा का 84वां शहादत दिवस मनाया गया। मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि 14 अगस्त 1942 को महज 24 वर्ष की आयु में अकलू तुरहा ने अंग्रेजी हुकूमत के दमन के सामने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की आजादी के लिए अपने सीने पर गोलियां खाईं और सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि अकलू तुरहा का बलिदान केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इसलिए वे पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। यह भी पढ़ें- सिर्फ 24 वर्ष की आयु में अकलू तुरहा देश के लिए कर दिए अपने प्राणों को न्योछावर उनके जैसे हजारों-लाखों ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण भारत को आजादी मिली। इतिहास में...