ललितपुर, अप्रैल 30 -- ललितपुर। तमाम बार सरकारी नीतियां गरीबों पर भारी पड़ जाती है। श्रम विभाग में निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण का भी यही हाल है। लगातार चार वर्षों तक अंशदान जमा न करने पर जनपद के 25 हजार निर्माण श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया। जिसकी वजह से अब उनको विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। बुंदेलखंड स्थित अतिपिछड़े ललितपुर जनपद का प्रमुख पेशा खेती किसानी है। यहां के छोटे किसान फसलों की बुआई के बाद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। कोई भवन निर्माण में मिस्त्री व मजदूरी का काम करता है तो कोई रंगाई, पुताई, टाइल्स, प्लेंबरिंग, विद्युत वायरिंग, बढ़ई का कार्य करके अपनी आजीविका चलाता है। यह भी पढ़ें- मजदूरों को पता नहीं क्या होता है मजदूर दिवस इन श्रमिकों की मुश्किलों को आसान करने के लिए श्रम विभाग तमाम योजनाएं सं...