जमुई, अप्रैल 15 -- जमुई । एक प्रतिनिधि जमुई का बायपास रोड और त्रिपुरारी सिंह रोड में कोचिंग संस्थानों व निजी छात्रावासों का हब है। यहां की गलियों में दिनभर छात्र-छात्राओं का आना-जाना रहता है। शहर के सबसे पुराने इस मोहल्ले की शायद ही ऐसी कोई गली हो, जहां कोचिंग संस्थान नहीं है। घर से निकली लड़कियों को रहने के लिए घर, पानी, बिजली, शौचालय, लाइब्रेरी, पार्क व खेलकूद के लिए मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं तक के लिए जूझना पड़ता है। जमुई में करीब 2000 हजार से अधिक छात्राएं किराया अथवा होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। छात्राओं की पीड़ा है कि रहने के कमरे से लेकर कॉलेज व कोचिंग जाने की राह में उन्हें शोहदों से परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद मोहल्ले में पुलिस की नियमित गश्त नहीं होती है। ऐसे में उनके मन में खौफ का माहौल बना रहता है।बायपास रोड ...