कुशीनगर, जून 30 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी । विकासखंड मोतीचक की ग्राम पंचायत मुहमदा जमीन सिकटिया में पांच साल पहले लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के इस्तेमाल में नहीं है। गंभीर बात यह है कि 21 वीं सदी के इस तकनीकी दौर में भी ग्रामीण अंधविश्वास के चलते इसका उपयोग नहीं कर रहे। यह अलग बात है कि हर महीने केयरटेकर के मानदेय और सफाई के नाम पर हजारों रुपये सरकारी खजाने से खर्च हो रहे हैं।

गाँव में अंधविश्वास का असर ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत सचिव अचानक मानसिक रूप से परेशान हो गए। इसके चलते निर्माण दो साल तक ठप रहा। बाद में विभागीय अधिकारियों के दबाव में किसी तरह काम पूरा कर शौचालय को संचालन के लिए खोल दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय जिस भूमि पर बना है, वह पुराने समय में थारू समुदाय की जम...