देहरादून, अप्रैल 6 -- मसूरी, वरिष्ठ संवाददाता। दार्शनिक व लेखक आचार्य प्रशांत का मसूरी इंटर नेशनल स्कूल में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि जीवन में परिणाम नहीं, बल्कि ईमानदारी जरूरी है।अंधविश्वास, अज्ञान, गलत मान्यताएं, पूर्वाग्रह है जो हमारा दुश्मन है उसे भी ठुकराओ तभी आगे बढ़ सकेंगे। सोमवार को मसूरी पहुंचने पर आचार्य प्रशांत का प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने बुके व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं से विद्यालय के सभागार में आचार्य प्रशांत ने सीधा संवाद किया। यह सत्र न केवल अकादमिक प्रश्नों तक सीमित रहा, बल्कि पहचान, आत्म-बोध, सफलता के दबाव और शिक्षा के वास्तविक अर्थ जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी केंद्र में लेकर चला। छात्राओं ने प्रश्न पूछे और पूरे सत्र में सक्रिय भागीदारी दिखाई। पहचान और आत्म-आलो...
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