अलीगढ़, मार्च 3 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (एनबीसीपी) की ताजा प्रगति रिपोर्ट सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पिछले वित्तीय वर्ष में जहां सरकारी अस्पताल अपने निर्धारित लक्ष्य का आधा भी हासिल नहीं कर सके, वहीं चालू वित्तीय में जनवरी तक उनकी रफ्तार और धीमी रही। इसके उलट निजी अस्पतालों ने न सिर्फ लक्ष्य पूरा किया बल्कि उसे पार करते हुए रिकॉर्ड उपलब्धि दर्ज की है। एनजीओ सेक्टर का योगदान भी सिमटा है, जबकि चश्मा वितरण जैसी बुनियादी सेवा में काफी गिरावट दर्ज की गई। एनबीसीपी के तहत मोतियाबिंद सर्जरी के आंकड़े दो वित्तीय वर्षों की तस्वीर साफ करते हैं। वर्ष 2024-25 में सरकारी अस्पतालों को 12,144 सर्जरी का लक्ष्य मिला था, लेकिन उपलब्धि सिर्फ 3,797 सर्जरी रही, यानी 31.27 प्रतिशत। यह आधे लक्ष्य से भी काफी कम ...
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