प्रयागराज, अगस्त 3 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगभग 30 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतिम बार साथ देखे जाने का आधार सजा के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं है, जब तक कि वह अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से प्रमाणित न हो। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के वर्ष 1996 के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया। मामला 11 दिसंबर 1996 को सोबरन और अवधेश की हत्या से जुड़ा था। दोनों के शव गेहूं के खेत में मिले थे। सत्र न्यायालय ने वर्ष 2000 में छह आरोपितों को दंगा और हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।...