सहारनपुर, सितम्बर 30 -- प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी अंतरिम आदेश के प्रभावी रहने के दौरान उसका उल्लंघन किया गया है, तो मुख्य मामला बाद में खारिज हो जाने से संबंधित पक्ष अवमानना की कार्रवाई से बच नहीं सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कार्यवाही समाप्त होने के आधार पर अंतरिम आदेश के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने यह टिप्पणी अशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए की। मामले में शामली के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान सहित आठ विपक्षी पक्षकारों का उल्लेख है। याचिका में सहारनपुर मंडल के आयुक्त की ओर से 27 नवंबर 2025 को पारित आदेश का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। यह आदेश सहारनपुर के सहायक निबंधक, फर्म, सोसाइटी एवं चिट्स के 28 मई 2025 के आदेश से संबंधित था।...