लखीमपुरखीरी, अप्रैल 27 -- लखीमपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवकली में अंगदान पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को संपन्न हुआ। प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने कहा कि अन्नदान की तरह अंगदान के लिए समाज में व्यापक जागरूकता जरूरी है। मृत्यु के बाद अंगों को दफन या जलाकर बर्बाद न करने से लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। सम्मेलन में एसजीपीजीआई, केजीएमयू और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। कैम्ब्रिज के डॉ. अभिषेक रे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आंत प्रत्यारोपण पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि छोटी आंत और मल्टी विसेरल प्रत्यारोपण आंत विफलता वाले मरीजों के लिए जीवनरक्षक है। भारत इस क्षेत्र में यूरोप की तरह प्रगति कर रहा है। यह भी पढ़ें- मेधावियों का सम्मान और अंगदान पर जागरूकता का संदेश केजीएमयू के प्रो. डॉ....
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