बांदा, मई 31 -- बांदा/चित्रकूट। जनपद में केन नदी, यमुना और बागै नदी पर बने अधिकांश पुल ब्रिटिश काल के निर्मित हैं। अपनी मियाद पूरी करने के बाद भी इनमें वाहन रातों दिन फर्राटे भर रहे हैं। आम जनमानस लिए खतरा बने पुलों की मरम्मत कराकर मियाद बढ़ा दी जाती है। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने शनिवार को जनपद के जर्जर पुलों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। बांदा-फतेहपुर को जोड़ने वाले बेंदाघाट यमुना पुल जीर्ण-शीर्ण हालत में है। पिछले वर्ष स्लैब व बीम धंस जाने से पुल में दो माह के लिए भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। मरम्मत के बाद फिर चालू कर दिया गया। बांदा को एमपी से जोड़ने वाला पुल केन नदी स्योढ़ा पुल भी ओवरलोड वाहनों के गुजरने से धंस चुका है। इसमें भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित था। ऐसे ही बदौसा में झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में बागै...