हजारीबाग, मार्च 17 -- हजारीबाग शिक्षा प्रतिनिधि विभावि स्नात्तकोत्तर इतिहास विभाग की ओर से सोमवार को कला भवन स्थित राधाकृष्णन सभागार में भारत का विभाजन: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया है। जिसमें बतौर मुख्य वक्ता दिल्ली के इतिहासविद सह चेयर प्रोफेसर कपिल कुमार ने उक्त विषय पर प्रकाश डालते हुए ब्रिटिश मानसिकता की व्याख्या की। कहा कि अंग्रेज भारत को कई टुकड़े में बाँटना चाहतें थे और जियो पालिटिक्स के तहत विभाजन कर पूरे एशिया में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता था। कहा भारत में जातीय प्रथा कभी भी जटिल नहीं रही। अंग्रेजी हुकूमत ने पेशागत आधार पर भारतीय समाज को विभिन्न जातियों में बांटने का काम किया। उन्होंने भारत विभाजन और उससे पूर्व व बाद के कई अनछुए पहलुओं से विद्यार्थियों और मौजूद शिक्षकों को अ...