ललितपुर, नवम्बर 8 -- अंकुरित फसलों से हरे होते खेतों की ओर अन्ना मवेशियों ने अपना रुख कर लिया है। झुंड बनाकर गोवंश फसलों को चट कर रहे हैं। जब तक किसान घर से आकर जानवरों को हांकता है तब तक खेत का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो चुका होता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। खरीफ में नुकसान के बाद किसानों ने रबी में बेहतर उत्पादन के लिए खेतों की जुताई, बुआई, खाद, बीज, कीटनाशक आदि पर बड़ी धनराशि खर्च करके किसानों फसलों की बुआई कर रखी है। गुजरते समय के साथ फसलें अंकुरित होकर पौधों का रूप ले रही हैं। खेत हरे दिखाई देने लगे हैं। इसी वजह से अभी तक सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंश का रुख हरेभरे होते खेतों की ओर हो गया है। वह अंकुरित फसलों को अपना निवाला बना रहे हैं। साढ़ूमल, मड़ावरा और आस पास ग्राम पंचायतों के खेतों में झुंड बनाकर अन्ना ...