दरभंगा, मई 28 -- बिरौल। अनुमंडल व्यवहार न्यायालय बिरौल में मध् निषेध न्यायालय की स्थापना का रास्ता साफ होता दिख रहा है। बार एसोसिएशन, बिरौल के पूर्व सचिव एवं अधिवक्ता कैलाश कुमार की पहल पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विधि विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। इस संबंध मे अधिवक्ता कैलाश कुमार ने 18 मई को विभागीय मंत्री मदन सहनी को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। पत्र में बताया गया कि बिरौल अनुमंडल की स्थापना 35 वर्ष पूर्व हुई थी। इसकी आबादी 15 लाख, 83 पंचायत और 303 राजस्व ग्राम हैं। अनुमंडल के 6 प्रखंड सह अंचल कार्यालय के तहत मध् निषेध अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई फिलहाल व्यवहार न्यायालय दरभंगा में चल रहा है। तिलकेश्वर की दूरी दरभंगा मुख्यालय से करीब 100 किमी दूर है। बिरौल की आम जनता को लंबी दूरी...