प्रयागराज, अप्रैल 2 -- प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ग्रीन हाइड्रोजन बनाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। पांच शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों ने मिलकर एक नई और सस्ती बहुधातु -मिश्रधातु तकनीक विकसित की है, जिससे भविष्य में हाइड्रोजन ईंधन कम लागत में तैयार होगी। यह शोध 16 मार्च को अमेरिकन केमिकल सोसायटी की प्रतिष्ठित शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें वैज्ञानिकों ने एल्युमिनियम, तांबा, लोहा, निकिल और टाइटेनियम से बनी एक नई हाई-एंट्रोपी मिश्रधातु तैयार की है, जिसने पानी से हाइड्रोजन निकालने की प्रक्रिया में शानदार परिणाम दिए। डॉ. ठाकुर प्रसाद यादव ने इविवि में इस शोध का काम शुरू किया था। वह वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि इस मिश्रधातु को दो तरीकों से तैयार किया। पहला तरीका ब...
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