प्रयागराज, मई 22 -- प्रयागराज। आने वाले समय में अल्ट्रासाउंड और ज्यादा साफ, सस्ता और सटीक हो सकता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने फ्रांस और दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक ऐसा 'नैनोफ्लुइड' तैयार किया है, जो अल्ट्रासाउंड मशीनों की क्षमता को बेहतर बना सकता है। वैज्ञानिकों ने सोना, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं के बेहद सूक्ष्म कणों को मिलाकर यह विशेष तरल तैयार किया है। इसके कणों का आकार इतना छोटा है कि वे मानव बाल से हजारों गुना पतले हैं। शोध में तीन तरह के नैनोफ्लुइड बनाए गए। एक में सिर्फ सोना इस्तेमाल हुआ है, दूसरा सोना-प्लैटिनम मिश्रित और तीसरा सोना, प्लैटिनम और पैलेडियम मिश्रित तरल है। इससे संबंधित शोध पत्र आठ मई को अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजिक्स में प्रकाशित हुआ है। इविवि भौतिक विज्ञान के शोध छात्र ड...