नयी दिल्ली , मई 21 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों की धनराशि में हुई 504 करोड़ रुपये की हेराफेरी और गबन के मामले में अपना पहला आरोपपत्र दाखिल करते हुए 15 आरोपियों को नामजद किया है।
यह आरोपपत्र हरियाणा के पंचकूला में एक विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल किया गया है, जिसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, विकास एवं पंचायत विभाग और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद से जुड़े हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो शेल कंपनियां और उनके तीन साझेदार/निदेशक और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
उन पर आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्ववासघात, ठगी, धोखाधड़ी, सबूत मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए आरोपपत्र दाखिल किया गया है। जिन अपराधों के लिए आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, उन सभी 15 आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। दूसरे आरोपियों और दूसरे विभाग में हुई हेराफेरी की जांच चल रही है और जल्द ही और आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।
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