भरतपुर , अप्रैल 15 -- राजस्थान में भरतपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के विशिष्ट न्यायालय नेएक तत्कालीन लोक अभियोजक को रिश्वत मांगने के 14 वर्ष पुराने मामले में बुधवार को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
विशिष्ट न्यायाधीश ने अभियुक्त तत्कालीन लोक अभियोजक हरि सिंह मीणा एडवोकेट को पांच हजार रुपयेकी रिश्वत मांगने का दोषी मानते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
मामले के अनुसार नवंबर 2011 में कोटा के सांगोद निवासी ओम प्रकाश वैष्णव के परिवार के खिलाफ महिला थाने में दर्ज दहेज के एक मामले में मीणा ने पुलिस के नाम पर पीड़ित के माता-पिता का नाम मामले से बाहर निकलवाने की एवज में पांच हजार की रिश्वत मांगी थी।
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