पटना , मई 21 -- राजधानी पटना को जलजमाव से मुक्त बनाने के लिए बुडको एवं नगर निगम ने एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है, जिससे राजधानीवासी तेज बारिश आने पर भी बिना डर के सड़क पर चल सकेंगे। बुडको अधिकारियों ने बताया कि 30 मई तक शहर में निर्माणाधीन सभी गड्ढे एवं खुदाई कार्य को खत्म करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया गया है, जिससे मॉनसून आने पर गड्ढे एवं खुदाईस्थल पर बारिश का पानी जमा न हो सकें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन के नेतृत्व में एक बुडको एवं नगर निगम की स्पेशल टीम का गठन किया गया है। इससे शहर के 75 वार्डों में जवाबदेही तय की गई है। शहर के 19 जोनों में क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। साथ ही निगमकर्मी वॉकी-टॉकी के माध्यम से आपस में जुड़े रहेंगे।
बुडको एवं नगर निगम की तरफ से बारिश में आसानी से जलनिकासी के लिए स्पेशल टीम ने 360 डिग्री योजना तैयार की है, जिसमें पूरे ड्रेनेज नेटवर्क, पम्पिंग स्टेशन की वार्ड वार जांच कराई जायेगी, जिससे जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न रहे। इसके अलावा खास पम्पिंग स्टेशन भी तैयार किया गया है। बुडको द्वारा 56 स्थायी एवं 27 अस्थायी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों (डीपीएस) को पूरी क्षमता से चालू रखने के निर्देश भी दिया गया है। वहीं 24x7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डेडिकेटेड व वैकल्पिक फीडर तैयार किये गये है।
बुडको अधिकारियों ने कहा कि 360 डिग्री प्लानिंग के तहत सभी तैयारियों के साथ इमरजेंसी सेवा के लिए अतिरिक्त पंप भी प्रबंध किया जा रहा है। इसके लिए पटना स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सभी डीपीएस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग वाटर लेवल, प्रवाह आदि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही शहर के 19 जोन में क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित एवं नागरिकों के शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 155304 दिन-रात चालू रहेगा। शहर अलग-अलग क्षेत्रों में 22 नए ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन बनाए जा रहे जिससे जल निकासी क्षमता में वृद्धि होगी। इन कामों को सुनिश्चित करने के लिए एक जून को उच्च अधिकारियों द्वारा मॉकड्रिल भी किया जायेगा।
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