मुंबई , मई 21 -- महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी ) ने एक विशेष सहायक लोक अभियोजक (एजीपी) को अदालत परिसर के भीतर 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

ठाणे एसीबी के अनुसार, आरोपी एजीपी भूपेश अजीत पुरंदारे वसई की एक अदालत में एक मामले की पैरवी कर रहे थे। शिकायतकर्ता भी उसी अदालत में वकालत करते हैं। शिकायतकर्ता ने अपने मुवक्किल की ओर से एक अर्जी दायर की थी, जिसमें मानिकपुर पुलिस थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में जब्त की गयी संपत्ति को वापस दिलाने की मांग की गयी थी।

पुरंदारे ने कथित तौर पर जब्त संपत्ति की वापसी के संबंध में पक्ष में राय या रिपोर्ट देने के लिए 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की रकम देने के इच्छुक न होने पर, शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। प्राप्त शिकायत के आधार पर, गवाहों की मौजूदगी में की गयी जांच के दौरान यह पाया गया कि पुरंदारे ने शिकायतकर्ता से काम के बदले 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी और उसे स्वीकार करने पर सहमति जताई थी।

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