हैदराबाद , मई 25 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के. नारायण ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर मिलकर ईंधन पर बहुत अधिक कर लगाने का आरोप लगाया।
श्री नारायण ने अपने एक बयान में कहा कि ईंधन की कीमतें 'रॉकेट से भी तेज गति से बढ़ रही हैं' और सरकारों पर भारी बढ़ोतरी करने के बहाने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गतिविधियों का फायदा उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय तनाव और सैन्य कार्रवाई के बीच वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी सही वजह के सिर्फ एक सप्ताह के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में तेल से जुड़े राजस्व के माध्यम से जनता से लगभग 30 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए हैं और आरोप लगाया कि जब केंद्र ईंधन पर कई कर लगा रहा है, तो राज्य सरकारें उपकर लगाकर लोगों पर और बोझ डाल रही हैं। उन्होंने अलग-अलग इलाकों में कीमतों के अंतर पर बात करते हुए बताया कि तमिलनाडु सीमा के पास नेसनायुडू कंड्रिगा में एक ईंधन स्टेशन पर पेट्रोल 108.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.28 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि आंध्र प्रदेश के नागरी में पेट्रोल 117.85 रुपये और डीजल 105.45 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
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