, May 21 -- मंत्री ने गन्ना क्षेत्र विस्तार के लिये व्यापक रणनीति तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं गन्ना उत्पादक क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को 'गन्ना रथ' अभियान चलाने का निर्देश दिया, जिसके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों एवं उत्पादन वृद्धि संबंधी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से उन पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया, जहां नई चीनी मिलों की स्थापना प्रस्तावित है, ताकि स्थानीय किसान गन्ना उत्पादन के नए अवसरों से जुड़ सकें। मंत्री श्री कुमार ने निर्देश दिए कि गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर एवं कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी रियायती दर पर आधुनिक यंत्र उपलब्ध कराए जाएं, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं, कस्टम हायरिंग सेंटर अथवा कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के माध्यम से भी यंत्रों पर 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के अंतर्गत इस वर्ष कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। चीनी एवं गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना लागू की गई है, जिसके तहत किसानों को बीज उपलब्ध कराने पर 470 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही, गन्ना बीज परिवहन के लिए भी अनुदान का प्रावधान किया गया है।
बैठक में संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
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