बाराबंकी , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भीषण गर्मी और शारदा सहायक नहर में जलस्तर कम होने के कारण गुरुवार को मां और उसके बच्चे डॉल्फिन की मौत हो गई। वन विभाग और टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) की टीम द्वारा रेस्क्यू की तैयारी की जाती रही, लेकिन समय रहते उन्हें बचाया नहीं जा सका। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बड्डूपुर थाना क्षेत्र के रीवा सीवा गांव के पास से गुजर रही शारदा सहायक नहर में गुरुवार सुबह दो डॉल्फिन दिखाई दीं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।
सूत्रों ने बताया कि नहर में पानी बंद होने से जलस्तर घटकर लगभग दो फीट रह गया था। कम पानी के कारण डॉल्फिन आगे बढ़ने में असमर्थ थीं और नीचे मौजूद रेत से लगातार रगड़ खा रही थीं। स्थिति गंभीर होने पर लखनऊ से टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) की टीम को बुलाया गया।
टीम ने डॉल्फिन को सुरक्षित निकालने के लिए रणनीति बनानी शुरू की। नहर में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने और शाम के समय रेस्क्यू अभियान चलाने पर विचार किया जाता रहा। इसी बीच भीषण गर्मी और लगभग 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण नहर का ठहरा पानी अत्यधिक गर्म हो गया।
दोपहर करीब तीन बजे मादा डॉल्फिन ने दम तोड़ दिया, जबकि लगभग डेढ़ घंटे बाद उसके बच्चे की भी मौत हो गई। टीएसए के डॉ. शैलेंद्र सिंह ने दोनों को मृत घोषित किया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और बाहर से आई टीम मौके पर मौजूद तो रही, लेकिन डॉल्फिन को तत्काल बाहर निकालने अथवा नहर में तुरंत पानी छोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती तो दोनों डॉल्फिन की जान बचाई जा सकती थी।
वन विभाग ने दोनों डॉल्फिन का पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच की जा रही है।
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