जम्मू , मई 21 -- जम्मू के सिदड़ा इलाके में वन विभाग के अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने गुरुवार को उस इलाके का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारों पर काम कर रही है।

सुश्री मुफ्ती ने प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, "जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार भाजपा द्वारा दिए जा रहे सभी निर्देशों का पालन कर रही है। इसी का नतीजा है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर यहाँ कई घरों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।"पीडीपी नेता ने क्षेत्र के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा, "इस समय जम्मू भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। ऐसे मौसम में सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया गया है। चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बच्चे त्वचा और आंखों के संक्रमण से जूझ रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिनों पहले भाजपा के एक नेता ने सिदड़ा का दौरा कर इन निर्माणों को अवैध बताया था, जिसके तुरंत बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने यह कार्रवाई शुरू कर दी।

सुश्री मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा, "नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अब जम्मू-कश्मीर में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'बुलडोजर मॉडल' अपना लिया है, जिसने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। इससे पहले कठुआ और आर. एस. पुरा में भी ऐसा ही किया गया और अब जम्मू में इसे दोहराया जा रहा है।"पीडीपी नेता ने बताया कि उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत भोजन, टेंट, पानी, राशन और अन्य जरूरी चीजों का इंतजाम करने को कहा है।

सुश्री मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, "पीडीपी विधानसभा में जमीन से जुड़ा विधेयक लेकर आई थी, लेकिन इसे न तो नेशनल कॉन्फ्रेंस का समर्थन मिला और न ही भाजपा का। नेशनल कॉन्फ्रेंस इन गरीबों को जमीन कब्जाने वाला कहती है और भाजपा इन्हें 'जमीन जिहादी' का नाम देती है। आज नेशनल कॉन्फ्रेंस वही कर रही है जो भाजपा उसे करने को कह रही है।" उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत रहने के लिए छत दी जाए ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में कुछ राहत मिल सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित