नयी दिल्ली , मई 21 -- दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को ऐसा नगर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो दिव्यांगजनों सहित हर नागरिक के लिए समावेशी, सुलभ और सम्मानजनक हो।
श्री सूद यहां सुगम्य दिल्ली अभियान के तहत सरकार, उद्योग जगत और दिव्यांग अधिकार संगठनों द्वारा आयोजित वैश्विक सुगमता (एक्सेसिबिलिटी) जागरूकता दिवस (गाड)- 2026 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर समावेशी दिव्यांगजन उद्यमी संघ (आईडिया) ने अपने प्रमुख अभियान सुगम्य दिल्ली अभियान के तहत, मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय (सीसीपीडी) और दिल्ली सरकार के सहयोग से एक एक्सेसिबिलिटी रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में पिछले वर्ष अभियान की शुरुआत के बाद से हुई प्रगति को प्रस्तुत किया गया। इस रिपोर्एट में टैक्टाइल मार्ग, सुलभ शौचालय और समावेशी साइनेज जैसी दिव्यांगजन केंद्रित सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों को भी उजागर किया गया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के गृह और शिक्षा मंत्री श्री सूद ने कहा कि केवल अवसंरचना की ही आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान शासन का आधार है।उन्होंने कहा, ' हम बाधा-मुक्त सार्वजनिक ढांचे, सुलभ परिवहन और नागरिक केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।"समावेशी दिव्यांगजन उद्यमी संघ (आईडिया) के सहयोग से सीसीपीडी द्वारा आयोजित पिछले एक वर्ष में दिल्ली सरकार ने स्कूलों और सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजन अनुकूल ढांचे, सुगम्य सहायक योजना के तहत सहायक उपकरणों के विस्तार तथा वित्तीय सहायता कार्यक्रमों सहित कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं।
कार्यक्रम में "मिशन एक्सेसिबल चांदनी चौक" की घोषणा की गयी। इसके तहत चांदनी चौक को देश के पहले समावेशी और सुलभ बाजार क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल में सुलभ मार्ग, टैक्टाइल नेविगेशन सिस्टम, समावेशी सार्वजनिक सुविधाएं और व्यवसायिक ढांचे के पुनः डिज़ाइन पर कार्य किया जाएगा।
चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ' "चांदनी चौक भारत की विरासत और व्यापार का प्रतीक है। हम इसे सुलभ पर्यटन, समावेशी व्यापार और सार्वजनिक ढांचे का मॉडल बनाना चाहते हैं। एक्सेसिबिलिटी को शहरी योजना और नागरिक गौरव का हिस्सा बनना चाहिए।"इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन आयुक्त एस. गोविंदराज ने कहा , " सभी विभागों में एक्सेसिबिलिटी को मापनीय प्रशासनिक प्राथमिकता बनाने के निर्देश हैं। " उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में दिल्ली ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हमारा लक्ष्य है कि हर सार्वजनिक स्थान, सरकारी कार्यालय और सेवा प्रणाली समावेशी और बाधा-मुक्त बने।"आईडिया ने इस अवसर पर "भारत एबिलिटी मिशन (भारतम)" नामक एक राष्ट्रीय मंच की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य एक्सेसिबिलिटी, सहायक तकनीक, समावेशी उद्यमिता, कौशल विकास और सुलभ शहरी विकास के लिए देशव्यापी सहयोगी आंदोलन तैयार करना है।
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