श्रीगंगानगर , अप्रैल 15 -- राजस्थान में राज्य द्वारा श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों सहित कुछ जिलों को निजी कंपनियों के हवाले किए जाने के खिलाफ आंदोलन कर रही जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति (बेजोड) ने बुधवार को श्रीगंगानगर में निगम के अधीक्षण अभियंता नेमीचंद वर्मा को ज्ञापन देकर विरोध जताया।
बेजोड़ के जिलाध्यक्ष विकास बिश्नोई ने बताया कि लेखा वर्ग के अधिकारियों, मंत्रालयिक और तकनीकी कर्मचारियों ने ज्ञापन देते हुए निजीकरण के खिलाफ आंदोलन करने के लिए संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में जोधपुर डिस्कॉम के प्रस्तावित निजीकरण को निरस्त करने और आरएसएस राशि के छह हजार करोड रुपए का संरक्षण एवं निगम के सुदृढ़ीकरण में इस्तेमाल किए जाने की मांग की गयी है।
निगम के कर्मचारियों ने कहा है कि जोधपुर डिस्कॉम का वित्तीय घाटा दोषपूर्ण नीतिगत निर्णय, अत्यधिक आउटसोर्सिंग और अन्य आवश्यक ठेका प्रथा का परिणाम है न कि कर्मचारियों की अकर्मण्यता। वर्तमान ठेका प्रथा से कार्य की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है और भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। बिना नौकरी के स्थायित्व के कर्मचारी न तो पूरी निष्ठा से काम करते हैं और न ही उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा दे सकते हैं।
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