श्रीगंगानगर , मई 21 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में ग्रामीण किसान-मजदूर समिति (जीकेएस) के दल ने गंगनहर नहर में लगातार हो रही पानी की कमी और अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण दौरा किया।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल श्रीगंगानगर से पंजाब स्थित गंगनहर के मुख्य हेड तक पहुंचा और पूरे मार्ग की विस्तृत जांच की।
गंगनहर परियोजना के अध्यक्ष हरविंदरसिंह गिल ने बताया कि यह दौरा विशेष रूप से इसलिए किया गया ताकि राजस्थान सरकार को गंगनहर की वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब में गंगनहर की क्या हालत है, कहां-कहां कमियां हैं और पानी की चोरी कहां हो रही है, यह सब हमने अपनी आंखों से देख लिया है। अब हम इसकी पूरी रिपोर्ट राजस्थान सरकार को सौंपेंगे।
श्री गिल ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की निष्क्रियता पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह काम असल में प्रशासन और सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों का है। उन्हें नियमित रूप से पंजाब जाकर गंगनहर का निरीक्षण करना चाहिए और किसानों को पूरा पानी उपलब्ध कराना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार के नुमाइंदे कुंभकर्ण की नींद सो रहे हैं। जिला प्रशासन भी पूरी तरह मौन साधे हुए है। बेचारे किसान खून के आंसू रो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने आज सबसे पहले पंजाब में आरडी-45 हैड का निरीक्षण किया। इसके बाद हुसैनीवाला हेड पहुंचा और फिर गंगनहर के पटरी पर पैदल चलकर पूरी नहर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति बेहद चिंताजनक है। आरडी-200 से लेकर आरडी-368 खखा हैड तक नहर के दोनों तरफ बरम यानी झाड़ियां 10 से 15 फुट तक बढ़ चुकी हैं। इन झाड़ियों की सफाई अत्यंत आवश्यक है, लेकिन लंबे समय से इसकी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा पंजाब में गंगनहर का पानी धड़ल्ले से चोरी किया जा रहा है। जगह-जगह अवैध पाइप लगाकर किसानों का हिस्सा का पानी चुराया जा रहा है।
श्री गिल ने कहा कि यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नहर की देखभाल और रखरखाव में कितनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब जल्द ही किसानों की बड़ी बैठक बुलाई जाएगी और एक बड़ा फैसला लिया जाएगा। गंगनहर के सिंचाई पानी को लेकर पूरे क्षेत्र में बड़ा संघर्ष किया जाएगा। इसका मकसद कुंभकर्ण की नींद सो रही सरकार और प्रशासन को जगाना है ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।
इस दौरे में गंगनहर परियोजना के अध्यक्ष हरविंदरसिंह गिल के नेतृत्व में जीकेएस जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण, प्रवक्ता हरजिंदर मान, नहर संगम अध्यक्ष गुरप्रतापसिंह, अध्यक्ष लाभसिंह, परगटसिंह सिद्धू, साहबराम, सुरजीत सहारण, अर्शदीपसिंह, जगतारसिंह, गुरमीतसिंह चठ्ठा सहित कई अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल थे।
किसान संगठनों ने कहा कि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो पूरे श्रीगंगानगर क्षेत्र में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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