कानपुर , मई 21 -- कानपुर के मंडलायुक्त एवं निदेशक उद्योग के विजयेंद्र पांडियन ने औद्योगिक प्रतिष्ठानो को श्रमिकों के लिये निर्धारित सुविधाओं का शत प्रतिशत अनुपालन करने के निर्देश दिये हैं। श्री पांडियन ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों के हितों और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन को लेकर गुरुवार को कानपुर नगर और कानपुर देहात के उद्यमियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को श्रमिकों के लिए निर्धारित सुविधाओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि श्रमिक किसी भी उद्योग की आधारशिला होते हैं और उनके अधिकारों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अप्रैल 2026 से लागू न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार सभी श्रमिकों को उनकी श्रेणी के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यूनतम मजदूरी दरों की सूचना प्रत्येक फैक्टरी एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, ताकि श्रमिकों को अपने अधिकारों की जानकारी आसानी से मिल सके। मंडलायुक्त ने कहा कि प्रत्येक माह की सात तारीख तक कर्मचारियों के वेतन का भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। बोनस भुगतान सहित अन्य वैधानिक दायित्वों का भी समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त ने ओवरटाइम भुगतान को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि अतिरिक्त कार्य लेने की स्थिति में कर्मचारियों को नियमानुसार दोगुनी दर से भुगतान किया जाए।
बैठक में साप्ताहिक अवकाश, सार्वजनिक अवकाश तथा सीएल और ईएल सहित अनुमन्य अवकाशों के पालन पर भी जोर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को वेतन के साथ पे-स्लिप अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा ईएसआईसी और ईपीएफ कटौती एवं अंशदान का पूरा विवरण दिया जाए, जिससे कर्मचारी अपने खातों का सत्यापन कर सकें।
औद्योगिक शांति बनाए रखने पर बल देते हुए उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों में शिकायत पेटिका स्थापित करने और शिकायतों के समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यमियों से श्रमिकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की भी अपेक्षा की।
बैठक में अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश जुनैद अहमद, क्षेत्रीय अपर श्रमायुक्त पी.के. सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार, उपायुक्त उद्योग, सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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