नयी दिल्ली , मई 21 -- प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों के भविष्य के ढांचे में बदलाव के लिए "एकीकरण, आत्मनिर्भरता और नवाचार" को मुख्य स्तंभ बताया है।

जनरल चौहान ने गुरुवार को यहां मानेकशॉ सेंटर में मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ और सैन्य मामलों के विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र बल अभी हाल के समय के सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सशस्त्र बलों में एकीकरण के उद्देश्य से किए जा रहे मौजूदा सुधार केवल संगठनात्मक समायोजन नहीं हैं, बल्कि सैन्य कामकाज, क्षमता विकास और परिचालन तत्परता में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक हैं।

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने कहा कि सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच घनिष्ठ तालमेल से अंतर-संचालन बढेगा, परिचालन दक्षता मजबूत होगी और बदलते सुरक्षा माहौल में देश की समग्र रक्षा तत्परता में सुधार होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित