अल्मोड़ा , मई 21 -- उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जंगलों में आग लगाने वाले तत्वों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले पांच थाना क्षेत्रों में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देश पर थाना सल्ट, रानीखेत, चौखुटिया, द्वाराहाट और भतरौंजखान में वनाग्नि की घटनाओं को लेकर पांच प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जंगलों में आग लगाने वाले असामाजिक और शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के अनुसार वनाग्नि केवल जंगलों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, वन्यजीव, जैव विविधता, जल स्रोतों और मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा है। जंगलों में आग लगने से प्राकृतिक संपदा को अपूरणीय क्षति पहुंचती है और स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जानबूझकर या लापरवाही से जंगलों में आग लगाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन और वन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

जिलाधिकारी ने वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दर्ज मुकदमों में गंभीरता से छानबीन कर आरोपियों तक पहुंचा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए वन विभाग लगातार सक्रिय है लेकिन प्रभावी रोकथाम के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है।

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