नई दिल्ली, मई 11 -- History Of Somnath Temple: गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और संघर्ष का प्रतीक भी है। यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। सदियों से यह मंदिर अनेक आक्रमणों, विध्वंस और पुनर्निर्माण का साक्षी रहा है। साल 2026 में यह मंदिर फिर इतिहास रचने जा रहा है। 11 मई 2026 को मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पहली बार 90 मीटर ऊंचे शिखर पर भव्य कुंभाभिषेक (Kumbhabhishek) हुआ। इस आयोजन को 'सोमनाथ अमृत महोत्सव 2026' नाम दिया गया है।पौराणिक महत्व क्या है हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्रदेव (सोम) ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर इस स्थान पर मंदिर का निर्माण करवाया था। इसी वजह से इसका नाम सोमनाथ पड...