नई दिल्ली, मार्च 3 -- होली की मस्ती और हुड़दंग के बीच ज्यादातर लोग अपने ही शरीर के साथ थोड़ी ज्यादती कर बैठते हैं। रसायनों से भरे रंगों का त्वचा के संपर्क में आना, दिन भर की धूप, और ढेर सारी गुझिया व तली-भुनी चीजों का स्वाद-ये सब चीजें मिलकर शरीर के भीतर 'टॉक्सिन्स' यानी विषाक्त पदार्थों के जमा होने का कारण बनने लगती हैं। अगर हर साल होली मनाने के बाद आपको थकान और सुस्ती महसूस होती है, तो समझ जाए कि आपका शरीर आपसे एक डीप क्लीन 'रीसेट' की मांग कर रहा होता है। इसका मतलब सिर्फ नहाकर शरीर से होली के रंगों को छुड़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तो भीतर से खुद को क्लीन करने का एक ऐसा तरीका है, जिसके बाद आप एक बार फिर खुद में पहले जैसी ताजगी और ऊर्जा महसूस करते हैं। सीके बिरला हॉस्पिटल की डायटीशियन डॉ. दीपाली शर्मा ने बॉडी को डिटॉक्स करने के 9 आसान त...