नोएडा, मई 21 -- नोएडा, गौरव भारद्वाज। फेज-2 थाने की पुलिस ने प्रोपोगेंडा के तहत सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के क्रम में एक चालक को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी पिछले माह श्रमिकों के व्हाट्सऐप ग्रुप में जुड़ा और हिंसा को भड़काने में शामिल रहा। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा था, जिसमें आरोप लगाए जा रहे थे कि अनिल कुमार एक सरकारी कर्मचारी है, जो यूपी पुलिस के अधिकारी/डीसीपी का ड्राइवर है। जांच में पता चला कि अनिल सरकारी कर्मचारी नहीं है। अनिल किसी पुलिस अफसर का ड्राइवर नहीं रहा। अनिल दिल्ली में एक संस्था में कार्यरत व्यक्ति का प्राइवेट ड्राइवर है। अनिल कुमार का वर्तमान में रिचा ग्लोबल कंपनी से कोई संबंध नहीं है और न ही किसी कंपनी में कार्यरत ...