मऊ, अप्रैल 7 -- मधुबन, हिन्दुस्तान संवाद। नगर पंचायत के कस्बा स्थित श्री संकट मोचन दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री हनुमान चालीसा महायज्ञ व श्री हनुमंत कथा का समापन नौवें दिन हवन पूजन के साथ हो गया। समापन के अवसर पर विद्वान ब्राम्हणों द्वारा सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ कराया गया। कथा वाचक पूज्य विश्वंभर जी महाराज ने हनुमान चालीसा के महिमा पर प्रकाश डाला। कहा कि संसार के सभी कठिन कार्य हनुमान जी की कृपा से सरल हो जाते हैं। कथा के दौरान रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम ने केवट से नाव मांगी, तो केवट ने उनका मर्म समझते हुए पहले उनके चरण पखारने की इच्छा जताई। केवट ने विनम्रता से कहा कि आपके चरणों की धूल में इतनी शक्ति है कि पत्थर भी नारी बन गया, मेरी नाव तो लकड़ी...