नई दिल्ली, मई 24 -- दो दोस्तों ने साथ मिलकर शराब पी। फिर नशे में धुत एक दोस्त ने दूसरे को ईंट से कुचलकर मार डाला। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी दोस्त को हत्या की सजा नहीं सुनाई। जानिए आखिर ऐसा क्या हुआ कि सारे सबूत दोषी दोस्त के खिलाफ थे, फिर भी कोर्ट ने हत्या की सजा नहीं सुनाई। कोर्ट की क्या दलील रही, जिसके बाद दोषी की सजा को उम्रकैद से घटाकर आठ साल कर सश्रम कैद कर दिया गया।अदालत ने हत्या को माना गैर इरादतन हत्या दो दोस्त साथ-साथ बैठकर शराब पी रहे थे। लेकिन तभी शराब के पैसे देने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। दोनों नशे में धुत थे। देखते ही देखते झगड़ा बढ़ गया। एक ने दूसरे को ईंट से कई बार हमला किया। उसके बार-बार ईंट मारने से दूसरे दोस्त की मौत हो गई। मामला कोर्ट पहुंचा, तो नशे में हुई कहा-सुनी और...