नई दिल्ली, मई 24 -- भारत में क्लीन एनर्जी और ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG, LNG और हाइड्रोजन फ्यूल डिस्पेंसर की भी सख्ती से जांच और सत्यापन किया जाएगा। 24 मई 2026 को उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स (Legal Metrology Rules) में बड़ा बदलाव करते हुए GATC (Government Approved Test Centres) के दायरे को बढ़ा दिया है। इसका मतलब यह है कि अब देशभर में इस्तेमाल होने वाले नए जमाने के ईंधन डिस्पेंसर भी सरकारी मानकों के तहत चेक किए जाएंगे, ताकि ग्राहकों को सही मात्रा में फ्यूल मिल सके और किसी तरह की गड़बड़ी न हो। यह भी पढ़ें- कतर की कंपनी ने अडानी ग्रुप की इस कंपनी के बेच दिए 643 करोड़ रुपये के शेयर यह भी पढ़ें- कल ये 10 शेयर करा सकत...