जहानाबाद, मई 23 -- किंजर, एक संवाददाता। स्कूलों से बच्चों को लाने ले जाने में सतर्कता नहीं बरती जा रही है। अवधि समाप्त जर्जर वाहनों को रंग रोगन कर नौनिहाल बच्चों को स्कूल लाने और फिर घर पहुंचाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुरानी गाड़ी होने के कारण जहां-तहां ब्रेकडाउन हो जाती है जिससे छोटे-छोटे बच्चे बच्चियों भीषण गर्मी में परेशान हो जाते हैं। वहीं छोटे-बड़े वाहन केवल चालक के भरोसे से छात्र-छात्राओं को वाहनों में बैठा कर स्कूल से घर पहुंचाने के लिए विद्यालय प्रबंधक छोड़ देते हैं। यहां तक चालक स्टेरिंग सीट पर भी बच्चों को बैठा देते हैं। ऐसे में बच्चे वाहन से बाएं ओर उतरकर दाएं ओर सड़क पार करते देखे जाते हैं। जबकि जरूरत है बच्चों को वाहन से उतरते समय उनके हाथ पकड़ कर एक सहचालक द्वारा सड़क पार कराना। इस संबंध में शिक्षाविद डॉक्टर परमानंद सिंह ने ...