इटावा औरैया, मई 23 -- जसवंतनगर। की कुनैरा से विहार करते हुए समाधिस्थ आचार्य श्री विराग सागर महाराज के शिष्य एवं प्रवचन केसरी मुनि श्री 108 विश्रांत सागर महाराज का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर सकल दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं, युवाओं और गुरु भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने आरती, पाद प्रक्षालन और जयघोष के साथ मुनि श्री का मंगल प्रवेश कराया। पूरा वातावरण धर्ममय और भक्तिमय बना रहा।प्रवचन के दौरान मुनि विश्रांत सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक जीव में ज्ञान विद्यमान है, आवश्यकता केवल उसके सही दिशा और सही स्थान पर उपयोग की है। यह भी पढ़ें- श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में जैन मुनि का मंगल प्रवेश हुआ मनुष्य यदि अपने ज्ञान का सदुपय...