मां कुष्मांडा की भक्ति और तप से ही आध्यात्मिक उन्नति संभव: कालेंद्रानंद
सहारनपुर, मार्च 23 -- सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि के चतुर्थ दिन मां कुष्मांडा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। दुर्गा सहस्त्रनाम स्तोत्र के साथ मां भगवती की अष्टधातु मूर्ति का महाभिषेक, शृंगार, भोग अर्पण तथा महाआरती की गई। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित नवरात्रि महोत्सव में भक्तों ने श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मां कुष्मांडा समस्त जगत का भरण-पोषण करने वाली हैं। इन्हीं से ब्रह्मांड की उत्पत्ति मानी जाती है। उन्होंने बताया कि मां आदिशक्ति कुष्मांडा अन्नपूर्णा रूप में जीवों का पालन करती हैं। शाकंभरी स्वरूप में प्रकट होकर दुष्टों का संहार करती हैं। मां कुष्मांडा की भक्ति और तप से आध्यात्मिक उन्नति संभव है। उनकी कृपा से मनुष्य जी...
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