बात-बात पर शक करना भी स्किजोफ्रेनिया का लक्षण
कानपुर, मई 22 -- कानपुर। विश्व स्किजोफ्रेनिया दिवस पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्किजोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, भ्रांतियों को दूर करना व समय पर उपचार के महत्व को लोगों तक पहुंचाना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने बीमारी के कारण, लक्षण, उपचार एवं मरीजों के पुनर्वास पर विस्तार से जानकारी दी। विभागाध्यक्ष डॉ. धनजंय चौधरी ने बताया कि स्किजोफ्रेनिया एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य मानसिक बीमारी है। यह मस्तिष्क में डोपामिन, ग्लूटामेट जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन, आनुवंशिक कारणों, अत्यधिक तनाव, नशे के सेवन व अन्य जैविक एवं मनो-सामाजिक कारणों से हो सकती है। मरीजों में आवाजें सुनाई देना, भ्रम या गलत विश्वास होना, दूसरों पर शक करना, व्यवहा...
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