लखनऊ, अप्रैल 6 -- दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल को फोड़े के ऑपरेशन के बाद बच्चे की मौत मामले में जांच कमेटी ने दोषी ठहराया है। आरोप है कई नोटिस के बाद भी अस्पताल की ओर से अपना बयान दर्ज नहीं कराया गया था। कमेटी ने परिजनों के बयान और उपचार के दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल को दोषी ठहराया है। हरदोई के बेनीगंज निवासी किसान बैजनाथ मौर्या के बेटे प्रांजल (5) के सीने में फोड़ा था। परिजनों दुबग्गा के निजी अस्पताल में एक जून को भर्ती कराया था। ऑपरेशन के एक घंटे के भीतर ही बच्चे की मौत हो गई थी। मां रुबी समेत परिजनों ने इलाज में कोताही का आरोप लगाते हुए हुए हंगामा किया था। पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी के सदस्यों ने अस्पताल को कई नोटिस देकर बयान व साक्ष्य मांगे, लेकिन अस्पताल की ...