बंदूक की नोक पर भर्ती, रूस से 'बॉडी बैग' में लौटा हरियाणा का अंकित; जानें पूरी कहानी
नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव में मातम छाया हुआ है। 23 साल के अंकित जांगड़ा की अस्थियां और अवशेष शनिवार को जब उसके गांव पहुंचे, तो न केवल एक परिवार का सपना टूटा, बल्कि उन सैकड़ों भारतीय युवाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाकर युद्ध की आग में फंस गए हैं। अंकित ने आखिरी बार कहा था, "हमें बचा लीजिए... हमारी जान किसी भी पल खतरे में पड़ सकती है।" 'द ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 को अंकित जांगड़ा ने अपनी जान की भीख मांगी थी। वह रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाके में फंसा हुआ था। उस कॉल के 24 घंटे के भीतर उससे संपर्क टूट गया। महीनों के इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद, शुक्रवार को उसके परिवार को वह खबर मिली जिससे वे सबसे ज्यादा डरते थे। अंकित अब ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.