सहरसा, मार्च 3 -- सहरसा, नगर संवाददाता। जिले में रंगोत्सव की धूम मची हुई है। वहीं होली से पहले परम्परागत होलिका दहन किया गया। शहर के शंकर चौक सहित अन्य जगहों पर देर शाम होलिका दहन का आयोजन किया गया ।होली जहां सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।वहीं होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मान्यता के अनुसार इसी दिन हिरण्यकश्यप की बहन होलिका विष्णुजी के भक्त प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर जलती हुई चिता पर बैठी थी। लेकिन होलिका को न जलने का वरदान होने के बावजूद वह भस्म हो गई और भगवान के आशीर्वाद से भक्त प्रह्लाद सुरक्षित बाहर निकल आए। उसी दिन से होलिका दहन और भक्त के बचने की खुशी में होली का पर्व मनाया जाता है।मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने सज-धजकर शकंर चौक पोखर परिसर पूजन पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। रोली, अ...