लखीसराय, मई 23 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मरीज के इलाज में लापरवाही व अन्य अव्यवस्था के लिए सुर्खियों में रहने वाला सदर अस्पताल में शनिवार को एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। जिसने अस्पताल प्रबंधन के भावनात्मक पहल व मरीज के प्रति गंभीरता को जगजाहिर कर दिया। दरअसल डीएस डॉ कुमार अमित ने मानवता का परिचय देते हुए एक रेफर एनीमिक प्रसूता को दुबारा भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया। शायद ऐसा पहली बार देखा गया कि किसी प्रसूता के शरीर में महज तीन ग्राम खून की उपलब्धता के बावजूद उनका इलाज सदर अस्पताल में सुनिश्चित कराया गया। जानकारी के अनुसार सूर्यगढ़ा सीएचसी में सामान्य प्रसव के बाद गंभीर स्थिति में एक प्रसूता को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल पहुंचने पर जांच के दौरान पता चला कि महिला के शरीर में महज तीन ग्राम हीमोग्लोबिन ही बचा है, ज...