नई दिल्ली, मई 24 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली की एक अदालत ने जासूसी के मामले में सेना के जवान, बीएसएफ कांस्टेबल समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने जांच में हुई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि कथित रूप से बरामद दस्तावेज आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा तीन के तहत गोपनीय श्रेणी में आते थे। ऐसे में अदालत ने बीएसएफ की इंटेलिजेंस विंग में हेड कांस्टेबल अब्दुल राशिद, सेना के जवान कफायत उल्लाह खान, फरीद अहमद उर्फ फरीद खान और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। यह मामला वर्ष 2015 में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार, मुख्य आरोपी कफायत उल्लाह खान जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैन...