रामगढ़, मई 23 -- गोला, निज प्रतिनिधि। गोला प्रखंड के सरगडीह पंचायत के उलादाका, डिमरा, सोनडीमरा, सोकला व सरगडीह गांव की लगभग 150 महिलाओं ने लाह की खेती से आर्थिक तंगी को मात देकर अपनी तकदीर बदली है। ये सभी गांव हरी-भरी वादियों के बीच बसा है। इन गावों में शांति तो थी, लोगों के पास आय के साधन सीमित थे। अधिकांश लोग आर्थिक तंगी से जुझ रहे थे। हालांकि यहां के लोगो का सदियों से पेड़ों के साथ गहरा नाता रहा है, लेकिन उन पेड़ों की छिपी हुई शक्ति को पहचानना अभी बाकी था। पहले यहां लाह की खेती का चलन बहुत कम था। 10 से 15 किसान पारंपरिक तरिके से छोटे स्तर पर लाह की खेती कर रहे थे। जिससे यह क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ था। बदलाव की पहली किरण 2025 से शुरु हुआ, जेएसएलपीएस संस्था की ओर से नावाडीह क्लस्टर में इंटिग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर का गठन किया गया...