लखनऊ, जनवरी 7 -- केजीएमयू में दुष्कर्म और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी निलंबित रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार को विशाखा कमेटी ने जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी। इसमें आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर दोषी पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी रेजिडेंट का दाखिला भी रद्द किया जा सकता है। पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज पर उसी के विभाग की एक महिला डॉक्टर ने यौन शोषण व शादी के लिए धर्म बदलने के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने केजीएमयू की विशाखा कमेटी से शिकायत की थी। सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने करीब 15 दिन में जांच पूरी की। बयान व सुबूतों के आधार पर आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को दोषी करार दिया गया है। जांच रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं का केजीएमयू प्रशासन अध्ययन कर रहा है। इसके बाद...